कान में दर्द होने पर क्या करें
अगर आपके या आपके बच्चो को अचानक से कान में दर्द होने लगता है
और आपके घर पर कोई कान के दर्द की दवा भी नहीं है
और आप या आपका बच्चा बहुत परेशान है
तो उसके लिए आज हम आपको
घरेलु उपाय बताएँगे
कान में दर्द होने के क्या कारण होते है ;
कान में दर्द तब होता है जब कान की सफाई काफी समय से न हुयी हो
या कान के मध्य से लेकर गले के पीछे यूस्टेचियन ट्यूब बंद जाती है
यूस्टेचियन ट्यूब कान के बीच तरल पदार्थ को बनाता है
इस लिए इसके बंद होने पर तरल पदार्थ का निर्माण अधिक होने से
यह कान के पर्दें पर दबाव
डालकर कान में दर्द का कारण बनता है
और तरल पदार्थ का निर्माण संक्रमित होकर कान में
संक्रमण का कारण हो सकता है
या फिर बच्चे या बयस्क कान में कभी कभी
माचिस की तीली को कान में डालते है
जिससे कान में चोट या खरोच लग जाती है
ज्यादातर हम लोग मानते हैं कि कान में दर्द संक्रमण के कारण होता है
सच में ज्यादातर मामलों में यह सच भी होता है
खासतौर पर बच्चों या शिशुओं में कान में दर्द का सबसे आम बजह इंफेक्शन या सर्दी से है
ज्यादातर बच्चों में कान में दर्द की बजह तब होती है
जब कान की नलिका सफाई करते समय कॉटन या किसी तेज चीज से
साफ करने पर उत्तेजित होती है
कई दफा साबुन या शैम्पू के कान में रह जाने से भी
कान में दर्द होनेका अहसास होने लगता है
आइए आज हम बात करते है
कान में दर्द के ऐसे ही कुछ सामान्य समस्याओ के बारे में जानते हैं
सर्दी से
आम सर्दी में ज्यादातर जुकाम सीमित होता है जो चार पांच दिन में अपने आप ही ठीक हो जाता है
लेकिन सर्दी के जुकाम के साथ-साथ सांस का उखड़ना
सीने में दर्द का अहसास और उल्टी होने जैसा अहसास की तकलीफ 8 से 10
दिनों से ज्यादा बनी रहे तो आपको अपने डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए
इसके लक्षणों
में बुखार, नाक में हरे या पीले रंग का म्यूक्स, सोने में तकलीफ, सामान्य मांसपेशियों में दर्द और कान
में कंपकंपी जैसा दर्द होने का अहसास होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
खांसी या जुकाम लगातार बने रहने से मांसपेशिओ में खिचाव हो जाता है
जिससे कान की मासपेसिआ भी खिंच जाती हे और दर्द का अहसास होने लगता हे
बिमान लैंडिंग के समय पर
जब विमान लैंडिंग के लिए उतरता है
तब वायुमंडलीय दबाव और कान पर दबाव में अंतर कान के मध्य में
वैक्यूम पैदा कर कान के पर्दें पर अत्यधिक दबाव डालता है
जिससे कान में दर्द होने का अहसास होने लगता है
दांतो में समस्या
साफ करने पर उत्तेजित होती है
कई दफा साबुन या शैम्पू के कान में रह जाने से भी
कान में दर्द होनेका अहसास होने लगता है
आइए आज हम बात करते है
कान में दर्द के ऐसे ही कुछ सामान्य समस्याओ के बारे में जानते हैं
सर्दी से
आम सर्दी में ज्यादातर जुकाम सीमित होता है जो चार पांच दिन में अपने आप ही ठीक हो जाता है
लेकिन सर्दी के जुकाम के साथ-साथ सांस का उखड़ना
सीने में दर्द का अहसास और उल्टी होने जैसा अहसास की तकलीफ 8 से 10
दिनों से ज्यादा बनी रहे तो आपको अपने डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए
इसके लक्षणों
में बुखार, नाक में हरे या पीले रंग का म्यूक्स, सोने में तकलीफ, सामान्य मांसपेशियों में दर्द और कान
में कंपकंपी जैसा दर्द होने का अहसास होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए
खांसी या जुकाम लगातार बने रहने से मांसपेशिओ में खिचाव हो जाता है
जिससे कान की मासपेसिआ भी खिंच जाती हे और दर्द का अहसास होने लगता हे
बिमान लैंडिंग के समय पर
जब विमान लैंडिंग के लिए उतरता है
तब वायुमंडलीय दबाव और कान पर दबाव में अंतर कान के मध्य में
वैक्यूम पैदा कर कान के पर्दें पर अत्यधिक दबाव डालता है
जिससे कान में दर्द होने का अहसास होने लगता है
दांतो में समस्या
कई दफा दांतो में बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी कान में दर्द होने लगता है
दांतो में कैविटी, टूटा या किनारे से टूटा दांत, यह सभी बैक्टीरियों द्वारा पल्प को संक्रमित कर दांतों के
इन्फेक्शन का कारण बन सकते है
अधिक संक्रमण दांतों का समर्थन करने वाली हड्डियों तक
फैलकर कान के दर्द का बजह बन सकता है
कान में दर्द तब होता है जब दांतों में दर्द तंत्रिका मार्ग और दांत की आपूर्ति तंत्रिका के बहुत करीब चला आता है
या यह सीधे कान के साथ जुड़ा होता है
इसके लक्षणों में मुंह में कड़वा स्वाद, सांसों में बदबू, चबाने में कठिनाई,
बुखार, गर्दन की ग्रंथियों में सूजन, संक्रमित दांत के मसूड़ों में सूजन
और कभी-कभी कान में दर्द शामिल है
कौन सी बातो का ख्याल रखे और बचाओ करे
कान में कोई भी नुकीली चीज़ न डाले
कान में माचिस की तीली बगैरह न डाले
पानी नहाते समय कान के अंदर न पहुंचे
नहाते समय साबुन और शैम्पू कान के अंदर न पहुँच पाए
कानो की हमेशा सफाई रखे
कानो की सफाई हमेशा डॉक्टर से कराये
धूल मिटटी का कानो में जाने का बचाओ रखे
आइये अब हम बात करते है घरेलु उपाय की
गेंदे का पौधा हम लोगो के घरो में ज्यादातर लगा होता है
इसके फूल बहुत सूंदर होते हे और बहुत सी सजाबटो
के काम में आता हे और लोग पूजा में प्रयोग करते हे
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| kaan me dard hone par kya kare,कान में दर्द होने पर क्या करें |
कान में दर्द होने पर क्या करे
अगर अचानक से आपके कान में दर्द शुरू हो जाये तो
आपके अपने घर में लगा हुआ गैंदे के फूल का पौधा
एक दर्द निवारक औषधि के रूप में काम करेगा
आपको बस इतना करना हे कि आप गैंदे के पत्तिओ (हरी वाली पत्तिओ को )
को निचोड़ कर उनका रस कान में टपका दे
तो बहुत जल्द आराम का अहसास होगा
आजमाया हुआ नुस्खा हे
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